अमेठी:कैसे रुके छेड़खानी,बढती जा रही परेशानी…

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  • मो, अलीम खान/इंडिया सहारा…
    अमेठी:अमेठी में छेड़छाड़ की घटनाओं का होना चिंता का विषय है हाल ही में शिवरतनगंज में छेड़छाड़ की घटना प्रकाश में आयी है अध्ययन हेतु जा रही छात्राये असुरक्षित हो जायें तो हाकिमों पर उंगली उठना स्वाभाविक ही है।

कोचिंग हब में तब्दील अमेठी-
जनपद के कुछ क्षेत्र इन दिनों कोचिंग हब में तब्दील हो गये है भोर होने से रात ढलने तक अमेठी के शिवरतनगंज मुसाफिरखाना,गौरीगंज,संग्रामपुर
जगदीशपुर शुकुलबाज़ार सहित अन्य क्षेत्रों में संचालित होने वालीं कोचिंग क्लासेस में छात्र-छात्राओं का आना-जाना लगा रहता है।

मुसाफिरखाना में राजकीय महाविद्यालय समेत एक निजी डिग्री कालेज व मुंसीगंज मोड़ से नहर के रास्ते होकर कोचिंग संस्थाओं में आने-जाने वाली छात्राओं को कमोबेश हर दिन ही मनचलों के द्वारा फिकरे कसे जाते हैं इतना ही नहीं अनेक छात्राओं के आगे-पीछे तो मनचलों की फौज भी आती-जाती देखी जा सकती है।

यह माना जा सकता है कि शर्म, संकोच और लोक लाज लिहाज, सामाजिक वर्जनाओं के चलते अनेक छात्राओं के द्वारा तो इस तरह की छेड़छाड़ की शिकायत न तो परिजनों से की जाती है और न ही अन्य किसी से की जाती है। गौर करने वाली बात तो यह है कि अगर कोई बुजुर्ग सभ्रांत इन आताताई मनचलों को रोकने की कोशिश करता है तो ये मनचले गाली गलौच और मारपीट पर भी आमादा हो जाते हैं।
इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिये हालांकि पुलिस डीजल-पेट्रोल फूंकती ही नजर आती है पर पता नहीं पुलिस कहाँ और किसकी निगरानी में लगी रहती है होना यह चाहिये कि कोतवाली पुलिस के द्वारा मंगलम डिग्री कॉलेज से ए एच इंटर कॉलेज तक तक पैदल गश्त करवायी जाये ।

यह भी होना चाहिए –
इसके अलावा कोचिंग संस्थाओं में पढ़ने जाने वाले विद्यार्थियों को संस्था संचालकों के द्वारा परिचय पत्र जारी किये जाने चाहिये, इन परिचय पत्रों की समय-समय पर पुलिस के द्वारा भी सड़कों पर जाँच की जानी चाहिये ताकि आवारागर्दी करने वाले शोहदों की नकेल कसी जा सके।

कहाँ है महिला हितों का दावा करने वाले गैर -राजनैतिक संगठनों के साथ ही साथ राजनीतिक दल की महिला विंग:-

जनपद में छात्राएं असुरक्षित हैं और महिला हितों का दावा करने वाले गैर राजनैतिक संगठनों के साथ ही साथ काँग्रेस-भाजपा के महिला विंग भी मौन धारित किये हुए हैं। देश-विदेश में महिलाओं के साथ होने वाली अनैतिक घटनाओं के लिये तो सभी केंडल मार्च से लेकर विज्ञप्तियों की बौछार कर दी जाती हैं पर स्थानीय मामलों की बारी आते ही सब मौन हो जाते हैं।

इनसे है जनपेक्षा-
संवेदनशील जिला कलेक्टर योगेश कुमार एवं जिला पुलिस अधीक्षक केके गहलोत से जनापेक्षा है कि इस मामले में वे ही स्वसंज्ञान से कोतवाली पुलिस को कार्यवाही हेतु निर्देशित करें ताकि छात्राएं बिना किसी भय के कोचिंग संस्थाओं और शालाओं में अध्ययन करने आ-जा सकें।

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